उत्तराखंड में वर्षा से संबंधित घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गयी है जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं। राज्य में कुमायूं क्षेत्र पर बारिश का सबसे बुरा असर पडा है। नैनीताल में सबसे अधिक 27 लोगों की मृत्यु हुई है। सबसे अधिक मौत नैनीताल जिले में हुई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआव्जा देने की घोषणा की है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 15 टीमें तैनात की गई हैं। वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टर राहत अभियान में लगाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमायूं के वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने का निर्देश दिया।
इस बीच, गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए फिर खोल दिया गया है।















