प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर कहा है कि उनकी सरकार छोटे किसानों को हर तरह से सशक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के जिन बिंदुओं पर भी असहमति है, केंद्र सरकार पहले दिन से ही उन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। एक अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में कई बैठकें हुई हैं, लेकिन अभी तक असहमति के किसी भी बिंदु पर कोई भी सामने नहीं आया है जिसे वे बदलना चाहते हों।
श्री मोदी ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में, क्या ऐसा निर्णय लेना संभव है जो शत प्रतिशत लोगों को स्वीकार्य हो। उन्होंने कहा कि हालांकि अगर कोई निर्णय कम संख्या में भी लोगों को स्वीकार्य नहीं है, तो वे गलत नहीं हैं। श्री मोदी ने कहा कि लोगों की अपनी वास्तविक चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन यदि निर्णय किसी व्यापक हित में है, तो इस तरह के फैसले को लागू करना सरकार की ही जिम्मेदारी है।














