देहरादून-: कलयुग में मानवता अभी बाकी है हम आम बोलचाल में कई दफा इस्तेमाल कर देता है किंतु जब खुद की मानवता निभाने की बारी आती है तो साइड खड़े होकर अरे कोई मदद करो भाई! या पुलिस को बुलाओ! ही कहते नज़र आते है। राजधानी देहरादून के कोतवाली डालनवाला अंतर्गत सर्वे चौक- रायपुर रोड पर सर्वे चौक से दो कदम की दूरी पर स्थित एक नाले में जब आज एक व्यक्ति गिर गया तो लोगों की नीरसता साफ नजर आयी,जिन्होंने उस आदमी को नाली में गिरते देख उसे बाहर निकालने को हाथ आगे नही बढ़ाया। बस मूक दर्शी बन उस आदमी को कोई और उठाये उसके लिए एक दूसरे का मुंह तकते रहे और पुलिस को सूचना देने तक पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। वह तो शुक्र है खाकी के भेष में अभी भी कर्तव्य व मानवता की जो उस व्यक्ति के गिरने किस सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंच उसकी जान बचाई।
वाक्या आज सुबह का है जब एक व्यक्ति रायपुर की तरफ से आते हुए सर्वे चौक के पास स्थित सड़क किनारे नाले में गिर गया। जिसपर लोगों द्वारा खुद उसे उठाने के बजाय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर करणपुर कोतवाली डालनवाला के कॉन्स्टेबल ईश कुमार ,कॉन्स्टेबल मनोज व पी0 आर0डी0 जवान चंदन सिंह को सूचना मिलने पर वह तुरंत मौक़े पर गए व नाले में डूब रहे उस व्यक्ति को गंदे नाले से बाहर निकाला। तथा उसे प्राथमिक चिकित्सा देते हुए उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर ने कर्मियों को बताया कि अगर 2 मिनट की भी देरी हो जाती तो वह व्यक्ति मर सकता था। मानवीय कर्तव्यों का निवारण करने का जो खाकी 24 घण्टे मुस्तैद रहती है उसकी तत्परता ने आज उस व्यक्ति की जान बचाई है, जो खाकी कर्तव्य कहलाती है,और आम आदमी नज़रंदाज़ करता चला जा रहा है।
















