नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की और से कहा गया कि यहां हिमस्खलन की जगह से तीन और शव बरामद हुए हैं, जिससे मरने वालों की संख्या 19 हो गई है।
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के पर्वतारोही चढ़ाई के बाद लौटने के दौरान मंगलवार को लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई द्रौपदी का डांडा में हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। जिसमें लगभग 43 पर्वतारोही थे जिसमें से 19 के शव मिले है और लगभग 12 से अधिक लापता है । और 5 से6 के बीच पर्वतारोही को रेस्क्यू किया गया है
इस पूरी घटना के बारे में अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान में मदद के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के दो हेलीकॉप्टरों ने उत्तराखंड के हरसिल से उड़ान भरी है ।
एनआईएम ने कहा कि गुरुवार देर शाम हिमस्खलन स्थल से तीन और शव बरामद किए गए, जिससे अब तक निकाले गए शवों की कुल संख्या 19 हो गई है। इनमें से 17 शव प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के हैं, जबकि दो उनके प्रशिक्षकों के हैं।
एनआईएम के मुताबिक 10 प्रशिक्षु अब भी लापता हैं। सेना, भारतीय वायुसेना, एनआईएम, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (जम्मू और कश्मीर) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल जिला प्रशासन के साथ तलाशी अभियान चला रहे हैं जो मंगलवार को हिमस्खलन के बाद शुरू किए गए थे।
बता दे हिमस्खलन के बाद लापता हुए पर्वतारोही एनआईएम द्वारा उन्नत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए चुनी गई टीम का हिस्सा थे।
















