केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। पिछले साल नवंबर में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एंड्रॉइड मोबाइल फोन के माध्य म से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का शुभारंभ किया था। अब पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग डिजिटल मोड के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा देने और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में आगामी 22 नवंबर को केंद्र सरकार की टीम देहरादून आयेगी जहां केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी पेंशनभोगी डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए आ सकते हैं। पहले जीवन प्रमाणपत्र भौतिक रूप में जमा करना पड़ता था और इसके लिए वृद्ध पेंशनभोगियों को घंटों बैंकों के बाहर कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। अब, यह घर बैठे आराम से एक बटन के क्लिक से संभव हो गया है। मोबाइल द्वारा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया में, आधार संख्या, ओटीपी के लिए मोबाइल नंबर, पीपीओ नंबर, बैंक या डाकघर के साथ खाता संख्या के ब्यौरे आवश्यक हैं। यह सुविधा राज्य सरकार के कर्मचारियों और राज्य के कोषागार कार्यालय के रूप में संवितरण प्राधिकरण के लिए भी उपलब्ध है।
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