अंकिता हत्याकांड: प्रदेश में बंद का मिलाजुला असर रहा

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उत्तराखंड बंद का आज पर्वतीय जिलों में व्यापक, जबकि मैदानी जिलों में मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद का आह्वान अंकिता भंडारी हत्याकांड व मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को दंडित करने, उत्तराखण्ड अधिनस्थ सेवा चयन आयोग भर्तियों में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर किया गया था। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से आहूत बंद को कांग्रेस व वामदलों समेत अनेक छोटे-बड़े राजनीतिक दलों, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों, उत्तराखंड आंदोलनकारियों और छात्रसंघों ने समर्थन घोषित किया था। राजधानी देहरादून में बंद का मिलाजुला असर रहा। पौड़ी जिले में श्रीनगर को छोड़कर बाकी सभी जगह बंद का व्यापक असर रहा। रूद्रप्रयाग जिले में बंद के आह्वान पर जिला मुख्यालय समेत सभी प्रमुख कस्बों में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। टिहरी जिले में नई टिहरी, घनसाली, चमियाला, लंबगांव, प्रतापनगर, नरेंद्र नगर, गजा, आगराखाल, कीर्तिनगर समेत अधिकांश शहरी व ग्रामीण अंचलों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। चमोली जिले में गौचर, सिमली, कर्णप्रयाग, सोनप्रयाग, नारायणबगड़, थराली व पिंडर घाटी मंे बंद का असर दिखाई दिया, जबकि जिला मुख्यालय गोपेश्वर में यह आंशिक रहा। उधर, कुमाऊं मंडल में भी जगह-जगह लोगों ने प्रदर्शन कर अंकिता और मुजफ्फरनगर कांड पर रोष व्यक्त किया।

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